17/07/2026 तप कल्याणक ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी
17/07/2026 तप कल्याणक ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी
प्रारंभिक
प्रातःकाल
Guided Meditation
ध्यान प्रारंभ करने से पहले
कुछ क्षण स्वयं के लिए
शांत स्थान चुनें, मोबाइल को साइलेंट करें
और सहज अवस्था में बैठें।
परिचय
इस ध्यान के बारे में
17/07/2026 तप कल्याणक ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी
Guided Practice
ध्यान निर्देश
आराम से बैठ जाएँ।
अपनी रीढ़ को सहज रूप से सीधा रखें और धीरे से आँखें बंद कर लें।
अब अपना ध्यान अपनी श्वास पर लेकर आएँ।
धीरे-धीरे गहरी साँस लें…
और आराम से साँस छोड़ें…
एक बार फिर…
गहरी साँस अंदर लें…
और धीरे-धीरे बाहर छोड़ें…
अभ्यास का उद्देश्य
ध्यान के लाभ
17/07/2026 तप कल्याणक ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी
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ध्यान Transcript
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नाम राहुल राहुल नाम है ना राहुल ये जो बीजाक्षर है ये 50 बीजाक्षर है ठीक ये 50 को अपने शरीर के ऊपर अंकित करना है अ आ इ किसी को याद है किसको याद है भलादेश याद अक्षर याद तो बोलो देखो ये बहन बता रही पिछली बार का इसको याद है हां करते भी थे आप ध्यान हां छोटा बड़ा और छोटा बड़ा छोटा ऊपर बड़ा ऊंचा और ऋषि का सुनो भैया माइक दे दो ना उसको माइक दे दो तो क्या है कि ऑनलाइन वालों को भी समझ में आ जाएगा। यहां आगे आ जाओ। कैमरे वाला भी दीपक भाई थोड़ा देख दीपक और री देखना है। देखो सुनो अ आ इ ई उ ऋ ऋ और ली देखना है दाएं का गाल पर और बाएं कान गाल पर बड़ी ली देखना है। ए देखना है नीचे वाले हठ पर बड़ी ए देखना है ऊपर वाले हंठ पर और दांत पर देखना है नीचे वाले ओ और ऊपर वाले दांत पर देखना है औ और अम देखना है सिर के टॉप पर और आहा देखना है जहां बाल खत्म होते हैं वहां पर और का कबूतर देखना है वो भुजा पर नहीं भुजा पर नहीं बाजू बाजू बंद बोलो उसको इसको भुजा नहीं बोलेंगे बाजू पर और खा खरबूज देखना है वो कोहनी के अंदर कोहनी के अंदर और घागर गमला देखना है तो कलाई कलाई पर घड़ी देखना है वो ये देखो घ भाई ये जो घ है इतना पावरफुल है विघ्न बाधाओं को दूर करता है ओम घम नमः है ना हथेली पर लिखना है यहां और सब विघ्न बाधाएं दूर उठा देना है ग वाला अभी ये ग इतना चमत्कारी है मैं आपको बता नहीं रहा हूं बस एक बहुत बड़ा केस इस ओम गम नमः ने ठीक किया जो वास्तविकता में बहुत असंभव इस ओम गम नहीं ओम गम नम ने ठीक किया यहां ओम गम नमः किया और लगातार मतलब साधना दीपक कितने आठ दिन हो गए होंगे आठ दिन से एक व्यक्ति ने इसकी साधना करी ओम गम नमः की और जो चीज नहीं हो सकती थी वो चीज हुई उसका रिजल्ट हमें मिला अभी हाल कि वो हम लोग उस केस को जीत गए जो बिल्कुल नहीं जीत सकते थे ओम गम नमः ठीक हां ओम चम नमः दाएं भुजा पर और ओम जी किस पर चम नम चम च नम ओम चम नमः और ओम छम नमः इधर च छ च च च छ ज और घा झंडा वाला झ और य य इसके फलादेश बता देता हूं। ये नजर उतारने के लिए मृदु कार्य के लिए या कोई नया कार्य करने के लिए यह रोग इससे बीमारियां दूर ओम झम नमः से मतलब देखो कहना मतलब वो रहेगा कि इस हाथ में ओम घम नमः हथेली पर घ विघ्न बाधाएं दूर जिसको आशीर्वाद मिल गया ओम घम सा उसकी ओम झम नमः उल्टे हाथ से उसकी बीमारियां दूर इसमें विघ्न बाधाएं दूर और इसमें क्या हो रहा है बीमारियां दूर तो वो अरुण वाले क्या बोलते थे पता है दोनों हाथ से दो विघ्न बाधाएं भी दूर हो और बीमारियां भी दूर हो एक चीज नहीं चाहिए सीधे हाथ से दोगे विघ्न बाधा दूर होगी और उल्टे हाथ से दोगे तो सिर्फ बीमारी बोलते दोनों हाथ से दो दोनों हाथ से दो तो दोनों हाथ से आशीर्वाद दिलवा देते ओम घम नम भी ओम झम नम और दाहिने पैर की जगह पर टा और उसके थोड़े नीचे ड और ट ठ ठ और ट मतलब कर्म रूपी शत्रु नास ठ मतलब कठोर कार हार्ड वर्क के लिए और ढ ढक्कन वाला ठ ढ ढक्कन वाला नहीं ढ ढक्कन वाला नहीं डो ढ ढ ढ दाहिने दाहिने पैर के बाहर तक टकने में देवी देवताओं को मांगलिक अनुने के लिए ढक्कन वाला वो अंदर साइड डिप्रेशन मन को शांत करने के लिए धड़कन वाला और तुम तुम्हारा मन कौन सा शांत है हां और णमोकार मंत्र वाला जो र है वो पैर की उन उंगलियों पर और [हंसी] इससे ये शक्ति मतलब शक्ति का स्फोटक बीजाक्षरण णमोकार मंत्र का नाम मतलब शक्ति स्पक विजाक्षर हां और बाने बाने पैर की जगह पर ता और उसके थोड़े नीचे था त ये थाई जगहों पर त ऊपर की ओर ये त शांति का आविष्कारक बीजाक्षर है ता और था फिर उसके नीचे दादा आवाज का टकने दाहिने पैर के टकने के अंदर नहीं नहीं नहीं टकने के अंदर नहीं गलत ये वाला टकने के नहीं जंग ऊपर वो था थ थ का क्या बताओ थ थ जंग के नीचे थ थोड़ी घुटने के ऊपर और जंग में थोड़ी नीचे मांगलिक अनुष्ठान के लिए थ और धा टकने के अंदर और द धा धनुष वाला टखने के बाहर और नल उंगलियों पर। उसके बाद प फ पीछे ये देखो भाई सुनो इधर देखो प और फ पीठ पर पीछे राइट तरफ है ना ये प और फ जो होते हैं सर्व कार्य साधक है ना और महत्वपूर्ण कार्य की सिद्धि के लिए और बा दाएं की और बाई तरफ और ये ये क्या है ब और भ का फल आदेश विघ्न विनाशक और मान ना और मारण और उाटन मतलब कोई कोई आपको लगता है किसी ने बांध दिया किसी ने छोमंतर कर किसी ने मुठ बांध दी फेंक दी उसके लिए ओम बम भम नम ठीक और मां नाभि पर और उसके ऊपर ये सततान की प्राप्ति के लिए या यज्ञ हृदय पर और ये सच्चे मित्र के लिए रा दाहिने पैर दाहिने कंधे पर और शांति ये शक्ति स्फोटक बीजाक्षर ला बीच में गले कंठ पर कंठ पर और उसके बाएं कंधे पर कल्याण करने वाला व अब ये व जो है यह बहुत महत्वपूर्ण है। एक तो ओम झम नमः एक ओम वम नमः यह वम काहे के लिए भूत प्रेत की बाधाओं को दूर करने के लिए बड़ी-बड़ी बीमारियों को समाप्त करने के लिए ओम वम नमः और ओम सम नमः दाहिनी पसली पर ऊपर की ओर शक्कर काली पर शक्कर गुस्सा शांत करने के लिए और षटकोण वाला सा बाई पसली पर और ये हित करने के लिए नीचे शक्कर वाला सा ये कोई काम आपका रुका हुआ है नहीं हो रहा है ओम सम नम नवा आपके सब काम हो जाएंगे इससे और ओम हम नवा दाहिनी पसली के नीचे साधना और लक्ष्य प्राप्ति के और छ बीच में और छ बीच में ये पूरे फलादेश बता दिए कागज भी आपको मिल गए ना ठीक है ना कागज तो आपको पहले से ही आता है आप लोग तो पहले पिछली बार के भी पढ़े हुए हैं ना तो अब पहले हम फाइव स्टेप करेंगे फाइव स्टेप के बाद हम जो है इस ध्यान को प्रारंभ करेंगे ठीक और उसमें ओम झम नमः में अपन हीलिंग कर लेंगे। चलिए आज अशोक नगर वालों की विशेष मांग से अपन ने यह वाला ध्यान कर लिया। णमोकार मंत्र लिंग के जगह चलते हैं। ठीक अब पंखों के नीचे बैठ जाए आप और कहते कह सकता हूं मैं तो है ना आंखों को बंद करते हुए रीड को सीधा रखें। आंखें बंद रीड सीधी पूरा ऑब्जरवेशन आती हुई जाती हुई श्वास पर। स्वास आ रही है स्वास जा रही है लंबी गहरी स्वास ले छोड़े अपने आप को सांसों पर टिका ले आप लगा ले आप देख रहे हैं अपनी सांसों को आप और दाहिने पैर की एड़ी पंजे पर पिंडलियों पर घुटनों पर जंग पर बाएं पैर की एड़ी पंजे पर घुटनों पर बीच में भी और घुटनों पर नाभि के नीचे पेट पर नाभि पर हृदय पर दाहिना गंदा कोहनी लिखो श्वास को ले जाओ अपनी आंख को कलाई हथेली उंगलियां बाया कंधा कोहनी कलाई हथेली उंगलियां मुख पर और दाहिना गाल बाया गाल दाहिनी आंख बाई आंख दाहिना कान बाया कान ललाट सिर के ऊपर सिर के पीछे और अब पूरे ध्यान के साथ सोहम सो में श्वास लेंगे हम में श्वास छोड़ेंगे सो हम सो हम सो हम सो हम और ओम का उच्चारण को कंठ से म को नाक से ॐ ओम [नाक से की जाने वाली आवाज़] ओम ललाट पर सफेद चौक से नमो अरिहताण लाल वर्ण से नमो सिद्धाण पीले वर्ण से नमो नमणम हरि वर्ण से नमो काले वर्ण से नमो सब पंच परमेष् पांचो स्थानों पर आ ओम चलेंगे बहुत ध्यान से आंखों को बंद रेड को सीधा और तप कल्याणक के ध्यान की ओर हम चल रहे हैं और दोनों बहुओं के मध्य में आ जाए आप अ अनार का लिखे बहुत ध्यान से ये आ दोनों बहुओं के मध्य में लिख रहे आप ललाट पर इससे आत्मा त्मा और शरीर भिन्न होता है। देखिए अ को लिखिए दोनों भो के मन में ध्यान से ओम अम नमः ओम अम नमः दोनों भो के मध्य में ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः और हम दोनों बहुओं के मध्य में इस अ को आप लिख रहे हैं और लिखा लिखा हुआ देखते उच्चारण करें होठ हिलेंगे और अपनी आवाज अपने तक रहेगी लेकिन होठ हिलेंगे ओम ओम नमः एक ओम ओम नमः दो ओम ओम नमः तीन ओम ओम नमः चार और अब आएंगे अपनी ठोड़ी पर आए दोनों होठ के नीचे ठोड़ी पर बड़ा आ लिखे आप वो ध्यान से बड़े आ को लिख रहे हो यह बड़ा आ क्या करेगा जिन लोगों की खेतीबाड़ी किसानी है कृषि है उनके लिए काम का बड़ा बहुत ध्यान से लिखें आ को आप पशुपालन वालों के काम का ओम नमः ओम आ नम ओम आम नमः ओम आम नमः ओम आम नमः ओम आ नमः ओम आम नमः ओम आम नमः चार बार उच्चारण करें आंखों और ध्यान से ओम नमः ओम नमः दो ओम नम तीन ओम नम चार छोटा इ दाहिनी आंख पर छोटा इ लिखिए आप बहुत ध्यान से लेंगे छोटी इ को दाहिनी आंख को लिखना ये क्या होगा रुपया पैसा लक्ष्मी को बढ़ाने के लिए दाहिनी आंख को छोटा और रुका हुआ धन इससे प्राप्त होता है दाहिनी आंख को छोटे से ओम इम नमः ओम इम [गाना गाने की आवाज़] नमः ओम इम नमः ओम इम नमः ओम इम नमः ओम नम नमः ओम नम चार बार उच्चारण कर ओम नम नम नम तीन ओम नम बाई आंख पर पहुंचे बढ़ाई लिखे बहुत ध्यान से लिख रहे आप देख रहे आप बड़े को बाई आंख पर लिख रहे आप एकाग्रता के साथ देख प्रयास करें बड़ाई बाई आंख पर ये ज्ञान की प्राप्ति के लिए ओम नम नम ओम नम नमः ओम नमः नमः ओम नमः चार बार उच्चारण कर ओम नम एक ओम नम ओम नम तीन ओम नमः चार आएंगे बहुत ध्यान के साथ आएंगे अपने दाहिने कान पर आए दाहिने कान पर लिखे छोटा ऊ ब्रह्मांड की अद्भुत शक्तियां इससे मिलती है ऊ को लिखो विजुअलाइज करो मैं देख रहा हूं दाहिने कान प्रभु को ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम नमः ओम ओम नमः ओम नमः चार बार उच्चारण कर ओम नम एक ओम ओम नमः दो ओम ओम नम तीन ओम ओम नमः चार और अब बाई कान पर आए बड़ा उ लिख आओ देखो मैं देख रहा हूं मेरे बाएं कान को बड़ा ऊ लिख रहा हूं। यह ब्रह्मांड की अद्भुत शक्तियां का रास्ता मिलेगा। कहां से मिलती है? ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः बहुत ध्यान से ओम को चार बार चरण करें आप ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम नमः ओम नमः चार और अब आएंगे बहुत ध्यान से दाहिनी नाक पर ऋषि लिख रहे हैं पूरा ऑब्जरवेशन ऋषिक पर यह ऋषिक क्या करता है रिद्धि सिद्धि को दिलाने के लिए हां आप बहुत ध्यान से ऋषिक लिखें रिद्धि सिद्धि प्राप्ति के लिए ऋषिक दाहिना पर ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ॐ ह्रीम नमः ॐ ह्रीम नमः चार बार चरण करें ध्यान के साथ दाहिनी नाक पर ऋषिक री लिखे आप नमः एक ओम नमः दो ओम नमः तीन ओम ह्रीम नमः चार बाई नाथ तरफ आए आप बड़ा री लिखें बहुत ध्यान से लिखें ये बड़ा री क्या करेगा कार्य होगा कि नहीं होगा इसकी जानकारी आपको मिल जाएगी इससे बड़े री से बहुत ध्यान से लिखें आप ओम ह्रीम नमः ओम ह नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम [गाना गाने की आवाज़] नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः चार बार देख ओम नम एक ओम नम दो ओम नम तीन ओम ह्रीम नमः चार दाहिने गाल पल रही बहुत ध्यान से देख आप ये झूठी आदत को छुड़ाने के लिए जीवन में सत्य को लाने के लिए दाहिने दाहिने गाल पर लिख रहे हैं आप ओम नमः ओम नमः दाहिने गाल पर ओम ह्रीम नमः ओम ह्री नमः ओम नमः ओम नमः ओम ह्रीम नमः ओम ह्रीम नमः दाहिने पर चार बार चरण ओम नम एक ओम नम दो ओम नमः तीन ओम ह्रीम नमः चार बाल परायाम बहुत ध्यान ध्यान से बड़ा लरी लिखें आप ल में दो मात्राएं बड़ा री ये शुद्ध उपयोग और मोक्ष मार्ग में बढ़ना उसके लिए जिनको चाहिए कि हम चाहते हैं अपने आप को वैराग्य की ओर ले जाने के लिए बाएं गाल पर बड़ा ओम ह्रीम नमः ओम [गाना गाने की आवाज़] नमः ओम नमः ओम नमः ओम नमः ओम नमः ओम नमः ॐ ह नमः देखिए उच्चारण करें चार बार ओम नमः एक ओम नमः दो नमः तीन ओम नमः चार नीचे के होठ पर एडी का अरिष्ट निवारक वास्तु ज्योतिष की सब बाधाओं को दूर करने के लिए एडी का नीचे के होठ पर ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम नमः [गाना गाने की आवाज़] नमः ओम नमः नमः [कराहने की आवाज़] नमः ऊपर के होठ पर आएंगे ए को लिखें बहुत ध्यान से ऊपर के होठ पर ये वशीकरण देवी देवताओं को के लिए लिख रहे हैं आप ऊपर के होठ पर बहुत ध्यान से ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम ऐ नमः ओम ऐ नम ओम ऐ नम ऐ नम ओम ऐ नम चार बार ओम ऐ नम एक ओम ऐ नम दो ओम ऐ नम तीन ओम ऐ नमः चार नीचे के दांत पर आएंगे ओम को लिखेंगे बहुत ध्यान से ये नीचे के दांतों की पंक्ति पर लिख रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बीजाक्षरी इस ध्यान का इच्छाओं की पूर्ति करता है। ये आप जो चाहेंगे वो होगा इस ओ से नीचे के दांत पर हो। ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम नमः ओम [गाना गाने की आवाज़] ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः और ध्यान से चार बार चरण करें आप नीचे के दांत पर ओम ओम नमः एक ओम ओम नमः दो ओम ओम नमः तीन ओम ओम नमः चार और अब ऊपर के दांतों पर जा रहे हैं आप औ को लिख रहे आप एक कार्य को शीघ्र कराने के लिए औ ऊपर के दांतों की पंक्तियों पर जो कार्य आप कर रहे हो चाहे कुछ कंस्ट्रक्शन का कार्य फास्ट कराना चाहते हो तो औ ऊपर के दांतों की पंक्तियों पर ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः ओम ओम नमः बहुत ध्यान चार बार ओम ओम नमः एक ओम ओम नम ओम ओम नम ओम ओम नमः चार सिर के ऊपर टॉप पर चोटी वहां पर अम ये ध्यान में सहयोगी ये अंतराय कर्म को टालता है ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः ओम अम नमः कर ओम ओम नम एक ओम [नाक से की जाने वाली आवाज़] नम दो ओम ओम नम तीन ओम ओम नमः चार सिर के पीछे सबके काम का है गुस्सा शांत क्रोध शांत चिड़चिड़ापन समाप्त करने के लिए सिर के पीछे बालों के पीछे जाए जहां खत्म होते आहा लिख ओम आहा नमः ओम आहा नमः ओम आहा नमः ओम अहा नम ओम आहा नम ओम आहा नम ओम आहा नम नम और अब आएंगे दाहिने हाथ की भुजा बन पर और का लिखें वहां पर दाहिने हाथ की भुजा पर का लिख रहे सत संतान की प्राप्ति के लिए गृहस्ती के सुख के लिए दाहिने हाथ की भुजा बन पर का ओम कम नमः ओम कम नमः ओम कम नमः ओम कम नमः ओम कम नमः ओम कम नमः ओम कम नमः ओम कम नमः चार बार उच्चारण देखते हुए देख उच्चारण ओम कम नमः ओम कम दो कम ओम कम नमः चार और अब कोहनी के अंदर जाए ख लिखे आप बहुत ध्यान से कल्प से समान फल देने वाला खनी के अंदर लिख रहे हैं आप ओम खम नमः ओम खम नमः ओम खम नमः ओम खम नमः ओम खम नमः ओम खम नमः ओम खम नमः ओम खम नमः दाहिने हाथ की कलाई को देखें बहुत ध्यान से कलाई पर आए ग लिखें बहुत ध्यान से ग को लिखें ये ग दोषों को बैड हैबिट्स को दूर करने के लिए ग दाहिने हाथ की कलाई पर ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम [गाना गाने की आवाज़] नमः ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम नमः शाबाश करेंगे ओम गम नम एक ओम गम दो गम तीन ओम गम नमः चार फिर उसके बाद आप आएंगे अपनी हथेली पर सबसे पावरफुल घ विघ्न बाधाओं को दूर करता है दाहिनी हथेली पर घ भेजा ओम घम नमः ओम घम नमः ओम घम नमः ओम घम नम ओम घम नम ओम घम नमः ओम घम नमः ओम घम नमः चार बार नम नम और अंग ये कोर्ट कचहरी का केस या कहीं आपको जीतना हो विनर बनने के लिए अंग दाहिने हाथ की उंगली पर ओ गम नम ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम नमः ओम गम नमः बहुत विशुद्धि से करो सच में हर स्थान पर आपको ऊपर उठाएगा अभी जाके चार बार उच्चारण करो देखते ओम गम नमः एक ओम गम नम दो ओम गम नमः तीन ओम गम नमः चार आएंगे बाएं हाथ के बाजू बंद पर आए और च लिखें बहुत ध्यान से लिख रहे चाको आप बाएं हाथ के बाजू वन पर ये उच्चाटर बीजा नजर आ उतारने के काम आता है दाएं बाएं हाथ के बाजू वन पर ओम चम नमः ओम चम नमः ओम चम नमः ओम चम नमः ओम चम नमः ओम चम नमः ओम चम नमः ओम चम नमः चार बार उच्चारण कर ओम चम नमः ओम चम ओम चम तीन ओम चम नम चार और अब कोहनी के अंदर आएंगे छ लिखेंगे आप ये मृदुकार के सहाय कोहनी के अंदर बाएं हाथ की ओम छमम नमः ओम छमम नमः ओम छमम नमः ओम छमम नमः [गाना गाने की आवाज़] ओम छमम नमः ओम छमम नमः ओम छमम नमः ओम छमम नमः चार बारम कलाई पर ज को लिखें। बहुत ध्यान से लिख रहे हैं। ज को आप कोई भी नया कार्य नए पहली बार जीवन में कुछ ग प्रवेश कुछ ऐसा आप कोई नई वस्तु अपने जीवन में ला रहे हैं। के लिए जा ओम जम नमः ओम जम नमः ओम जम नमः ओम जम नमः आप लोग उच्चारण नहीं कर रहे उच्चारण करो भैया मेरे बाद करना उच्चारण ओम जम नमः ओम जम नमः ओम जम नमः ओम जम नमः चार बार उच्चारण ओम जम नम ओम जम नम जम नम ओम जम नम और सबसे पावरफुल बीजाक्षर झंडे का झ बाए हाथ हाथ की हथेली पे लिखेंगे ये क्या होगा? बीमारियों को दूर करेगा बाएं हाथ की हथेली पर रोग पीड़ाओं को कष्टों को दूर करेगा झंडे का झम इसके साथ हम सबको हील भी करते चले भावना भाना इस बीजा से सबके स्वास्थ ठीक हो सब निरोगी बने ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः [गाना गाने की आवाज़] ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नम ओम झम नम ओम झम नम ओम झम नम ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः [गाना गाने की आवाज़] ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः ओम झम नमः और अब बहुत ध्यान से आएंगे यहां को लिखेंगे आप उंगलियों पर लिख रहे हैं आप बहुत ध्यान से यहां को सम्मोहन बीजाक्षर बहुत ध्यान से उंगलियों पर यहां को लिखें पूरा प्रयास करें उंगलियों पर आप अच्छे काम के लिए इसका प्रयोग करना किसी को सम्मोहित करना हो तो अच्छा शुभ कार्य के लिए ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः चार बार ओम यम नम एक ओम यम नम दो ओम यम नम तीन ओम यम नमः चार और अब पूरे ध्यान के साथ आएंगे आप दाहिनी पैर की जगह पर टमाटर का लिखें कर्म रूपी शत्रुओं को नाश करने के लिए टमाटर का लिख रहे हैं आप देखें पूरा प्रयास करें। मैं अपनी दाहिनी जगह पर ऊपर की लिख रहा हूं। इससे मेरे जितने भी असाता कर्म दूर होंगे ओम टम नमः ओम टम नमः ओम टम नमः ओम टम नमः ओम टम नमः ओम टम नमः ओम टम नमः ओम टम नमः चार बार करें टम टम नम एक ओम टम नम दो ओम टम नम तीन ओम टम नमः चार और थोड़ा नीचे ठा को लिखें आप हार्ड वर्क कठोर कार्य के जो बच्चे पीएससी आईएस नीट नेट वाले बच्चे उनके काम का भी जाहिर वो ध्यान से करें ओम ठम नमः ओम ठम नमः ओम ठम नमः ओम ठम नमः ओम ठम नमः ओम ठम नमः ओम ठम नमः ओम ठम नमः चार बार ओम ठम नमः एक ओम ठम नम दो ओम ठ तीन ओम ठम नमः चार और ठ के बाद आएंगे ड टकने टकने पर बाहर की तरफ टकने पर डां साथ देवी देवताओं की शक्ति के जागत के अंदर ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः बहुत ध्यान से ड को लेके चार बार उच्चारण करें ओम डम नम एक ओम डम नम डम नम तीन ओम डम नमः चार और अंदर के टकने पर ढक्कन का लिख आप लिख रहे हैं आप काहे के लिए जो लोग डिप ऑपरेशन में जिनका मन अशांत रहता है मन को एकदम संयमित और शांत करने के लिए ढ ढक्कन का कहां पर दाहिने पैर के टकने पर ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः ओम डम नमः चार बार उच्चारण करे ओम डम नम ओम डम नम ओम डम नम ओम तम नमः चार अब आएंगे पैरों की उंगलियों में दाहिने पैर की उंगली पर अरुणा को लिखें शांति सूचक शक्ति स्फोटक ये बीजाक्षर ध्यान करने में प्रधान पैरों की उंगलियों में ओम नम नमः ओम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नमः लिखने का प्रयास करो देखो भैया पैरों की उंगली प्रणाम को बहुत ध्यान से ओम नम नम एक ओम नम नम दो ओम नम नम तीन ओम नम नमः चार और अब आप दाहिने पैर पर आए जंग पर आए त लिखे आप बहुत ध्यान से ये शांति का विश्वाकारक बीजाक्षर है त सॉरी बाएं पैर की जगहों पर त हां सर्व सिद्धि दायक बीजाक्षर है ये ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः ओम तम नमः तम नम तम तम नम थोड़ा नीचे थ को लिखे जगहों पर मांगलिक कार्यों के लिए अभी आपके यहां जो विधान हो रहा है उसको अच्छे से करने के लिए पंच कल्याणक के लिए शादी विवाह ग्रह प्रवेश मांगलिक अनुष्ठान के लिए ओम थम नमः ओम थम नमः ओम थम नमः ओम थम नमः ओम थम नमः ओम थम नमः ओम थम नमः ओम थम नम नम थम नम थम तीन ओम थम नम चार पैर के टखनों पर आए आप बहुत ध्यान से आए बाएं पैर के टखने पर आप आ रहे हैं दात का अंदर की ओर कर्म को नाश करने के लिए टकने पर दात द ओम दम नमः ओम दम नम नम ओम दम नम ओम दम नमः ओम दम नमः ओम दम नम नम चार बाहर की तरफ टकने पर द धनुष का लिख हेल्प करने के लिए जिससे चाहे उससे हेल्प मिल जाएगी आप चेतन अचेतन सबसे आप किसी अचेतन वस्तु से भी अगर मदद चाहते तो भी मिलेगी और किसी व्यक्ति से मदद चाहते हैं तो इससे बीजा उससे भी निश्चित रूप से व्यक्ति आपके सामने आकर खड़ा हो जाएगा और आपसे बोलेगा बोलो क्या चाहिए आपको बहुत ध्यान से ओम धम नमः ओम धम नमः टकने पर ओम धम नमः ओम धम नमः ओम धम नमः ओम धम नमः ओम धम नमः ओम धम नमः चार बार धम नम धम ओम धम तीन ओम धम नम चार पैरों की उंगलियों पर ना का लिख आप हितेषी हित करने वाला आत्म नियंत्रण में अपने आप को रखने के लिए यह बच्चे जो बाहर पढ़ते हैं उनके काम का भटक रहे हैं आज की नव युवा पीढ़ी पूरी भटक रही है पूरी अपने संस्कृति और संस्कार को खत्म कर रही है उनके काम का बच्चों का काम का है ना हम तो भेज देते हैं बाहर लेकिन अपने बच्चों को इस बीजाक्षर को रोज मंत्र करने का बोले नल कहां पर बाएं पैर की उंगलियों पर इससे वो अपने आप में नियंत्रित रहता है। संयमित रहता है। ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः ओम नम नमः बहुत ध्यान के साथ सुरक्षात्मक विजाक्षरी इसको बहुत ध्यान से पढ़े न को आप उंगली पर ओम नम नम एक ओम नम नम दो ओम नम नमः तीन ओम नम नमः चार अब पीठ पर आए पीछे पीठ के ओर पीछे की ओर आए प और फ ये पांच सर्व कार्य साधक फ महत्वपूर्ण कार्य की सिद्धि के लिए दोनों को एक साथ करें आप पीठ पर दाएं तरफ और ओम पम भम नमः ओम [गाना गाने की आवाज़] पम भम नमः ओम पम भम नमः ओम बम भम नमः ओम पम भम नमः ओम बम भम नमः ओम पम भम नमः ओम बम भम नमः चार बार उच्चारण करके ओम पम पम ओम पम पम न दो ओम पम पम तीन ओम पम पम नमः पीठ पर बाई ओर आए बकरी का और भ भालू का लिखे हां ये क्या करता है ये बकरी का और भ भालू का कहते हैं ब विघ्नों को विनाश करने वाला है मतलब जितने विघ्न आते हैं उनको समाप्त कर देता है और भ जो लगता है किसी ने कुछ बांध दिया किसी ने कुछ कर दिया किसी ने कुछ हमारे पर उतारा कर दिया तो उन सबके लिए ये भ भालू का और ब दोनों बीजाक्षर पर्याप्त है इसको आप करें सुंदर रिजल्ट और जो करता है उसके ऊपर कोई ऊपरी बाधा कोई भी कुछ भी नहीं कर पाएगा। इतना ये पावरफुल बीजाक्षर है ब और भ दाहिनी तरफ सॉरी बाई तरफ पीठ पर ऊपर ब नीचे भ ओम बम भम नमः ओम बम भ हम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम नमः ओम बम भम ओम बम भम ओम भमना नाभि पर आए माताओं के काम का है गर्भस्थ बालक शिशु के लिए संस्कार देने के लिए जिनको बालक बालिका नहीं उनके काम का भी नाभि पर मा ओम मम नमः ओम मम नमः ओम मम नमः ओम मम नमः ओम मम नमः ओम मम नमः ओम मम नमः ओम मम नमः शाबाण करें नाभि पर ओम मम नमः एक ओम मम नम दो ओम मम नम तीन ओम मम नमः चार और अब हृदय पर आए यह यह सच्चे मित्र प्राप्त करने के लिए आप दोस्ती तो कर रहे हो, मित्रता तो कर रहे हो लेकिन सच्चे हैं कि नहीं पता नहीं। तो सच्चे चाहते हो आप तो आप यह करें। आपसे सच्चे लोग ही जुड़ेंगे। झूठे लोग जुड़ेंगे नहीं। धोखा देने वाले लोग जुड़ेंगे नहीं। हृदय पर ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः ओम यम नमः चार बार कर बहुत ध्यान से ओम यम नम ओम यम नम ओम यम नम ओम यम नमः चार दाहिने कंधे पर आए आप रस का लिख रहे हैं आप यह शक्ति स्पटक महाबीजाक्षर र ओम रम नमः ओम रम नमः लिखो आंखों को बंद करके दाहिने कंधे पर रखो ओम रम नमः ओम रम नमः ओम रम नमः ओम रम नमः ओम रम नमः ओम रम नमः चार बार रम नमः कम रम ओम रम तीन ओम रम नमः चार कंठ पर आए ला को बहुत ध्यान से लिखें आप कंठ पर ला को लिखें पूरे ध्यान के साथ कंठ पल्ला को यह भी बच्चों को काम का है। जो बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं बालक बालिकाएं उनके काम का है। कल्याण का रास्ता दिखाता है। ये भटकने नहीं देगा आपको। ये बिल्कुल आप रोज बच्चे लोग बाहर पढ़ने वाले इसका उच्चारण करें ध्यान करें। कंठ पर ल ओम लम नमः ओम लम नमः ओम लम नमः ओम लम नमः ओम लम नमः ओम लम नमः ओम लम नमः ओम लम नमः चार बार कंठ पर सुरक्षा कवच बीजाक्षर लम ओम लम नमः एक ओम लम नम दो ओम लम नम तीन ओम लम नमः चार अब बाएं कंधे पर अति महत्वपूर्ण बीजाक्षर व यह भूत प्रेत की बाधाओं को दूर करता है। बड़े-बड़े रोगों को हरता है। वम विजाक्षर ओम वम नमः ओम वम नमः ओम वम नमः ओम वम नमः ओम वम नमः ओम नमः ओम बम नमः ओम नमः चार बार ओम बम नमः ओम बम नम बम नमो तीन ओम बम नम दाहिनी पसली पर ऊपर की ओर लिखे शक्कर का जिनको बहुत गुस्सा आता है चिड़चिड़ापन क्रोध भरा हुआ है उनके काम का क्रोध सेपन समाप्त करने के लिए शक्कर का सा दाहिनी पस्ती पर ओम सम नमः ओम शम नमः ओम सम नमः ओम शम नमः ओम सम नमः ओम शम नमः ओम सम नमः ओम शम नमः चार बार ओम सम नम सम तीन ओम सम नमः बाई तरफ पसली पर षटकोण का सा लिख हित करने वाला है कर्मों को नाश करने के लिए षट्कोण का बा तरफ ओमक्षम नमः ओम शम नमः ओमक्षम नमः ओम शम नमः ओम शम नमः ओम शम नमः और उच्चारण कर देखते ओम शम नम ओम शम नम ओम शम नम तीन और अब दाहिनी तरफ पसली पर नीचे की ओर आए सिद्धि दायक 13 नंबर का पाना है ये चाहे जहां लगा दो सब जगह ये लग जाता है सड़क का दाहिनी तरफ तरफ पसली पर नीचे की ओर ओम सम नमः ओम सम नमः जमीनी जो जमीन के काम होते हैं उनके बड़ा काम का ओम सम नमः ओम सम नम ओम सम नमः ओम सम नमः चार बार ओम सम नम एक ओम सम नम दो सम तीन ओम सम नम चार बाई तरफ पली पर ह लिखें जो लोग साधना करते हैं लक्ष या जो लोग ऐसा कोई लक्ष्य जिनके जीवन में मुझे यह बनना है बिल्कुल उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उस साधनाओं के लिए हजाक्षर बाई पसली पर नीचे की ओर ओम हम नमः ओम हम नमः ओम हम नमः ओम हम नमः ओम हम नमः ओम हम नमः ओम हम नमः ओम हम नमः चार बार करें ओम हम नम एक ओम हम नम दो ओम हम नम तीन ओम हम नमः चार और अब नाभि और हृदय के बीच में पेट पर ओम छमम नमः ओम छमम नमः ओम छमम नमः ओम क्षम नमः ओम छमम नमः ओम क्षम नमः अब ये पूरे बीजाक्षर आपको अपने मन से लगाने हैं। ये ध्यान रखना इससे सिद्धि नहीं होगी। सिद्धि कैसे होगी? बीजाक्षर को लिखना है और मन ही मन पढ़ना है। एक स्टेप थी तेज बोलने की। एक स्टेप थी धीरे बोलने की। तीसरी स्टेप है मन ही मन बोलने की। लेकिन सिद्धि मन ही मन बोले ये जो है ये मेडिटेशन है ये माला नहीं है ये जाप नहीं है ये मेडिटेशन है तो आपको इसमें उस स्थान पर लिखकर बार-बार मन से उच्चारण करना होगा नहीं हिलेंगे जीभ नहीं हिलेगी दांत कंठ तालु कुछ नहीं सिर्फ मन ही मन से इन बीजा जो आपको अच्छा लगता है नहीं तो जो लोग नहीं याद है उनके लिए बता देता हूं बच्चों के लिए न ओम नम नमः बाहर पढ़ने वाले बच्चों के लिए और ल कंठ पर कल्याण लम नमः और जिनको रुपया पैसा चाहिए दाहिनी आंख पर छोटा ओम नमः जिनको इच्छाओं की पूर्ति करना है नीचे के दांतों पर ओम ओम ओम नमः जिनको बाहरी कोई ऐसी उचाटन है कोई किसी ने कुछ कर दिया है तो उसके लिए चाहिए तो ओम बम भम नमः पीठ पर बाई और दांतों पर तो सबसे पावरफुल ओम ओम नमः इच्छाओं की पूर्ति के लिए मित्र अच्छा चाहिए। ओम यम नमः कहां पर? अपने हृदय स्थल पर। करें आप जो आपको अच्छा लगता हो बार-बार दोहराएं। मन से दोहराएं आप विश्वास के साथ दोहराए आप। आंखों को बंद करें। दो-तीन मिनट दिए। आप तीन चार मिनट में जो दोहरा सकते हैं दोहराएं। पूरा आ गया हो तो पूरा कर ले। जिन लोग पुराने लोग हैं वो तो शायद पूरा कर सकते हैं और नहीं तो जो अच्छा लगता है उसको आप रिपीट करें। बार-बार रिपीट जय आंखें बंद रीड सीधी आंखें बंद रीड सीधी करें तीन चार मिनट आत्मा का ध्यान सभी लोग पीछे वाले भी सभी लोग आंखों को बंद रीड को सीधा मैं जो बोल रहा हूं वो मानना मैं बहुत अच्छी आत्मा हूं मैं अहिंसा धर्म को पालने वाली आत्मा हूं। बिल्कुल देखिए आप चल रहे हैं चार हाथ जमीन देखकर और एक एक जीव को बचाते हुए किसी जीव को पीड़ा ना हो, कष्ट ना हो। ऐसे आप दया और करुणा भाव से चल रहे हैं। मैं हितमत प्रिय और सत्य बोलने वाली आत्मा हूं। सत्य मेरे जीवन का आधार है। मैं झूठ बोलने वाली आत्मा नहीं हूं। बिल्कुल नहीं हूं। मैं धोखा देने वाली आत्मा नहीं हूं। ना अपने माता-पिता को धोखा देने वाली आत्मा हूं। ना किसी को धोखा देने वाली आत्मा हूं। मैं तुलना करने वाली आत्मा भी नहीं हूं। नो कंपटीशन, नो कंपैरिजन। मैं दूसरों की अच्छाई पर जलने वाली आत्मा भी नहीं हूं। बिल्कुल नहीं हूं। मेरे जीवन का मंगलमय मंत्र क्या है? देख दूसरों की वृत्त को। मेरे कान भी अपनी प्रशंसा सुनने के भूखे नहीं है। मुझे नहीं पूछना किसी से कि मैं कैसा बोलता हूं, मैं कैसा दिखता हूं, मैं कैसा कार्य करता हूं। बिल्कुल नहीं। और अपने मुख से मुझे अपनी खुद की प्रशंसा तो करना ही नहीं है। और मैं बुराई, कमियां, गलतियां देखने वाली आत्मा भी नहीं हूं। मैं तो अच्छाई और गुणों को देखते हुए उनका गुणगान करने वाली आत्मा हूं। मेरी हर सोच मेरा हर संकल्प पवित्र है। मैं जो बोलता हूं सबके हृदय में उतरने वाला सबके जीवन को बदलने वाला प्रभाव कर मेरे बोलने सब मानते हैं और अपने जीवन को धन्य बनाते हैं। हां और मैं कैसी आत्मा हूं देखो अपने गुरु को देखो आप जिनको अपना इष्ट मानते हो आंखों को बंद करो उनको निहारो उनको नमोस्तु करो वो आपके इस नमोस्तु का आशीर्वाद आपको मिल रहा है मुस्कुराता हुआ वो चेहरा आपके सामने है मैं मेरे गुरु का सबसे प्र शिष्य हूं गुरुदेव सबसे ज्यादा मुझे ही चाहते हैं मेरा ही ध्यान रखते हैं मेरे लिए हमेशा अच्छा ही सोचते हैं सच में मेरा बहुत पुण्य है इतने अच्छे गुरु मुझे मेरे पुण्य से मिले हैं। निश्चित उनकी कृपा मुझ पर सदैव बनी रहे। और अब अपने साथ में रहने वाले लोगों को देखो। अपने माता-पिता को देखो। अपने भाई बहन, पत्नी पति बच्चों को देखो। जिनके साथ जीवन जी रहे हो उनके चेहरे सामने आने चाहिए। आंखों को बंद करके निहारो। ये सब लोग बहुत अच्छे हैं। ये मेरी बात मानते हैं। हमेशा मेरे अनुकूल रहते हैं। जो मैं चाहता हूं सचमुच में वैसी मेरी सब इच्छाओं को पूरा करने वाले ये सब लोग हैं। हां। मैं बहुत पुण्यशाली आत्मा हूं। इतने अच्छे लोग साथ रहने का अवसर मिल रहा है। और मैं अपेक्षा से परे रहने वाली आत्मा हूं। मुझे किसी से कोई अपेक्षा नहीं रखना है। और मैं छोटी छोटी बात को लेकर बैठे रहने वाली आत्मा भी नहीं हूं। मैं तो आया और गया निकालने वाली आत्मा हूं। और मेरे जीवन का मंगलमय मंत्र क्या है? मैं तो सहन करने वाली आत्मा हूं। मैं तो सहन करने वाली आत्मा हूं। और मैं अपनी गलतियों को स्वीकारने वाली आत्मा हूं और उन गलतियों को सुधारने वाली आत्मा हूं और सबसे संतुष्ट रहने वाली आत्मा। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है। और जीवन के हर मोड़ पर मुझे किस मंत्र को जपना है? इसमें भी इसमें भी इसमें भी और अपने करने योग्य जो कर्तव्य हैं जो मेरे माता-पिता के प्रति कर्तव्य हैं, जो मेरे परिवार के प्रति कर्तव्य है उन सब कर्तव्यों के प्रति सजग और सावधान रहने वाली आत्मा हूं। उन सब जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे से पालने वाली आत्मा हूं। मैं अपने नियमों को बहुत अच्छे से पालने वाली आत्मा हूं। मैं तो सबके दर्द और कष्ट को दूर करने वाली आत्मा हूं। मैं तो सबके दर्द को अपना मानने वाली आत्मा हूं। मेरा हर बोल मेरा हर व्यवहार सबके लिए दुआएं हैं। मैं सुख देने वाली आत्मा हूं। मैं प्रेम बांटने वाली आत्मा हूं। मैं वात्सल्य बिखेरने वाली आत्मा हूं। मैं सबको स्नेह और करुणा से क्रोधत कर देने वाली आत्मा हूं। मेरा पूरा जीवन परोपकारम में है। मैं बड़ों को बने और सम्मान देने वाली आत्मा हूं। निराकुल आत्मा हूं। पवित्र आत्मा हूं। सुखी आत्मा हूं। शांत आत्मा हूं। शक्तिशाली आत्मा हूं। इंद्रियों के राजा हूं। मन की मालिक हूं। ऐसी सहज ज्ञाता दृष्टा भाव श्रेणी मंगलमय पवित्र आत्मा हूं। मंगलमय पवित्र आत्मा हूं। मंगलमय पवित्र आत्मा हूं। दोनों हाथों को बाहर लाएंगे। दोनों हाथों को बाहर लाएं। आंखों को बंद रखें एक मिनट के लिए और आंखों को बंद रखें और आंखों को बाहर लाकर अपनी ऊर्जा को फील करें। मेरी हथेली से कुछ शक्ति कुछ पावर बाहर निकल रही है। फील करें आप ऊर्जा को। महसूस करें कि मेरी हथेली से कुछ ऊर्जा कुछ पावर बाहर निकल रही है। कुछ शक्ति बाहर निकल रही है। कुछ सामर्थ बाहर निकल रही है। और फिर इस ऊर्जा को इस शक्ति को इस पावर को पूरे मनोभाव के साथ जो ऊर्जा आपकी हथेली से निकल रही है। गर्माहट महसूस करें। भारीपन महसूस करें। जो आपके अपने परिचित है उन तक पहुंचाए। मेरी ऊर्जा जा रही है। सबकी पीड़ाएं, सबके रोग, सबकी व्याधियां, सबकी चिंताएं, सबकी आकुलताएं समाप्त हो रहे हैं। सबके रोग समाप्त, सबके शोक व्याधियां समाप्त हो रही है। सब लोग सुखी हो रहे हैं। सब लोगों के जीवन प्रेम प्रसन्नता और वात्सल्य आ रहा है। सबका जीवन शांतमय बन रहा है। फिर अपनी इस ऊर्जा को इस पूरे परिसर में जितने लोग बैठे हैं और जो लोग ऑनलाइन ध्यान अटेंड कर रहे हैं सबके लिए यह ऊर्जा जा रही है। सबकी पीड़ाएं दूर सबके रोग दूर [कराहने की आवाज़] सबकी चिंताएं दूर सबकी आकुलताएं दूर सबकी व्याधियां दूर सबकी परेशानियां दूर सबकी जीवन की समस्याएं दूर सब लोग निरोगी हो रहे हैं। सब लोग सुखी हो रहे हैं। सबके जीवन में शांति आ रही है। सबके जीवन प्रेम वात्सल्य स्नेह आता चला जा रहा है। निश्चित रूप सब लोग अपने जीवन में शांति का अनुभव कर रहे हैं। अपने पे लगा लें। जहां आपको पीड़ा हो, कष्ट हो, व्याधि हो, तकलीफ हो, शरीर के हो सब को विशेष रूप से आप हील करने का प्रयास करें। भावना भाएं कि मेरी पीड़ा, मेरे रोग, मेरी व्याधि, मेरी तकलीफ, मेरी शरीर की समस्त समस्याएं समाप्त हो रही है। और बहुत अच्छा आज का कल का नियम क्या था पिक्चर नहीं देखना ठीक और आज का नियम है क्या है मतलब कल तक का नियम चलेगा बेसन नेता