500+
अमृत प्रवचन संग्रह
100+
ध्यान एवं साधना सत्र
365+
दैनिक आत्म चिंतन
लाखों
जिनवाणी श्रद्धालु
॥ आचार्य श्री विद्यासागर परंपरा ॥
बीजाक्षर प्रणेता पूज्य मुनि श्री १०८ दुर्लभ सागर जी महाराज
संयम, साधना, त्याग और आत्मकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर एक प्रेरणादायी संत व्यक्तित्व।
महान तपस्वी परम पूज्य आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावशाली शिष्य एवं बीजाक्षर प्रणेता पूज्य मुनि श्री १०८ दुर्लभ सागर जी महाराज का जीवन साधना, वैराग्य, आत्मानुशासन और आत्मचिंतन का अनुपम एवं प्रेरणादायी उदाहरण है।
आपकी प्रेरणा केवल धार्मिक क्रियाओं तक सीमित नहीं है, अपितु धर्म और अध्यात्म के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन एवं आचरण में आत्मसात करने की दिशा प्रदान करती है।
स्वाध्याय, ध्यान, संयम और सकारात्मक चिंतन के माध्यम से मनुष्य अपने अंतर्मन को समझे, आत्मचिंतन करे और आत्मकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़े—यही भावना आपकी प्रेरणाओं में प्रमुख रूप से अभिव्यक्त होती है।
आज का आत्म चिंतन
पूज्य मुनि श्री दुर्लभसागर जी महाराज के पावन मुखारविंद से प्रेरणादायक दैनिक विचार।
“आत्म शुद्धि एवं धर्म चेतना का पावन संदेश”
प्रतिदिन प्रातः काल आत्म चिंतन के माध्यम से अपने विचारों को शुद्ध करें और दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा व समता भाव के साथ करें।
नवीन प्रवचन
पूज्य मुनि श्री दुर्लभसागर जी महाराज के नवीनतम प्रवचन एवं आध्यात्मिक संदेश।
ध्यान एवं साधना
18/07/2026 नमोकार हीलिंग ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [ पिपराई गाँव
18/07/2026 नमोकार हीलिंग ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [ पिपराई गाँव
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05/08/2026 ज्ञान कल्याणक मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [
05/08/2026 ज्ञान कल्याणक मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [
17/07/2026 तप कल्याणक ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी
17/07/2026 तप कल्याणक ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी
वर्तमान स्थान
गुरुदेव की पावन झलकियाँ
गुरुदेव के दर्शन, मंगल विहार, प्रवचन एवं धार्मिक आयोजनों की विशेष स्मृतियाँ।