वर्तमान प्रवास पिपरई गाँव, मध्य प्रदेश • श्री दिगम्बर जैन मंदिर
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लाखों

जिनवाणी श्रद्धालु

परम पूज्य मुनि श्री दुर्लभसागर जी महाराज
संयम • साधना • सेवा

॥ आचार्य श्री विद्यासागर परंपरा ॥

बीजाक्षर प्रणेता पूज्य मुनि श्री १०८ दुर्लभ सागर जी महाराज

संयम, साधना, त्याग और आत्मकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर एक प्रेरणादायी संत व्यक्तित्व।

महान तपस्वी परम पूज्य आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावशाली शिष्य एवं बीजाक्षर प्रणेता पूज्य मुनि श्री १०८ दुर्लभ सागर जी महाराज का जीवन साधना, वैराग्य, आत्मानुशासन और आत्मचिंतन का अनुपम एवं प्रेरणादायी उदाहरण है।
आपकी प्रेरणा केवल धार्मिक क्रियाओं तक सीमित नहीं है, अपितु धर्म और अध्यात्म के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन एवं आचरण में आत्मसात करने की दिशा प्रदान करती है।
स्वाध्याय, ध्यान, संयम और सकारात्मक चिंतन के माध्यम से मनुष्य अपने अंतर्मन को समझे, आत्मचिंतन करे और आत्मकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़े—यही भावना आपकी प्रेरणाओं में प्रमुख रूप से अभिव्यक्त होती है।

संयम आत्मानुशासन का मार्ग
साधना आत्मशुद्धि की यात्रा
त्याग वैराग्य और अपरिग्रह
जिनवाणी आध्यात्मिक प्रेरणा
दैनिक विचार • आत्म शुद्धि

आज का आत्म चिंतन

पूज्य मुनि श्री दुर्लभसागर जी महाराज के पावन मुखारविंद से प्रेरणादायक दैनिक विचार।

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आत्म शुद्धि एवं धर्म चेतना का पावन संदेश 20 Aug, 2026
प्रेरक विचार
“आत्म शुद्धि एवं धर्म चेतना का पावन संदेश”

प्रतिदिन प्रातः काल आत्म चिंतन के माध्यम से अपने विचारों को शुद्ध करें और दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा व समता भाव के साथ करें।

आत्मचिंतन • शांति • साधना

ध्यान एवं साधना

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18/07/2026 नमोकार हीलिंग ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [ पिपराई गाँव
नमोकार हीलिंग ध्यान

18/07/2026 नमोकार हीलिंग ध्यान मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [ पिपराई गाँव

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