दैनिक प्रवचन

08/08/2026 अभिषेक शांतिधारा मुनि श्री 108 दुर्लभ सागर जी महाराज जी [ पिपराई गाँव

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08 Aug 2026 Transcript उपलब्ध

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स्वाहा श्री विश्वाम जल नप्यामित स्वाहा श्री विश्वाम जलप्या श्री विश्वाताम जल स्वाहा श्री विश्वाम जलप्या स्वाहा ॐ श्री विश्वाम जल नप्याम स्वाहा श्री विश्वाम स्वाहा श्री विश्वाम जलभ्याम [गाना गाने की आवाज़] स्वाहा श्री विश्वाम जय स्वाहा श्री विश्वाम जलेप्या स्वाहा श्री विश्वाम जले्यामित स्वाहा ॐ श्री विश्वाम जलेप्यामित स्वाहा श्री विश्वाम जले्यामित स्वाहा ॐ श्री विश्वाम जले स्वाहा श्री विश्वाम जलेप्या स्वाहा श्री विश्वाम जलेप्यामित स्वाहा श्री विश्वाम जलेप्यामित स्वाहा श्री विश्वाताम जलेप्यामित स्वाहा श्री [गाना गाने की आवाज़] विश्वाम जलेप्या स्वाहा श्री विश्वाम जलमित स्वाहा श्री विश्वाम जलभ्याम स्वाहा श्री विश्वाम जलभ्याम स्वाहा श्री विश्वाम जलमित स्वाहा श्री विश्वाम जलम्याम स्वाहा श्री विश्वाम जलमित स्वाहा श्री विश्वाम जलमित स्वाहा श्री विश्वाम जलभ्याम स्वाहा श्री विश्वाम जलभ्याम स्वाहा श्री विश्वाम जलभ्याम स्वाहा श्री राम टल जाए शत्रुता को धरे चक खग द्द मिले आपते आप अनुकम कर शिव पद ल नेम सकल हन में व्याकुल भयो जैसे जल विन मीन जन्म जरा मेरी अरो करो मोह स्वा अंजन से तारे कुते जय जय जय जिन देव सके नाम भव से तुम प्रभु पार करे केवटिया तुम हो प्रभु जय जय जय जिन राग सहित जग में रुलो मिले सरागी दे बीत राग में राग कुटे नार की ज्ञान आज धन्य मान भयो पायो जिन वरदान तुमको पूजे सुर पति यह पति नरपति देव धन्य भाग्य मेरो भयो करन लगो तुमसे के तुम शरण हो निराधार आधार मेना श्री कुंतु स्वस्त स्वस्त श्रीना श्री मल स्वस्त स्वस्त श्री मुस्त [संगीत] स्वस्त श्रीना श्री पार स्वस्त श्री पारसना नाम [गाना गाने की आवाज़] बड़ा [संगीत] प्यारा भव से पार उतारेगा पुष्पांजलम सुनो अब मेरी बात सुनो मेरी बात सुनो कल से 8:20 तक कंप्लीट करके रखना अब ऐसे में बहुत लेट हो जाएंगे अब तुम लोग उससे कर लो मन से कर लो ना मतलब आठ सवा तक आप कंप्लीट रखो ये आपकी पूजन सामूहिक करो बहुत अच्छा रहेगा यहां सब महिलाएं भी बैठ जाएगी पूजन करने के लिए है ना तो आप कल से इधर हमारा ध्यान खत्म बाद में ले आए और स्टार्ट कर दिया लगभग 6:30 पे ध्यान समाप्त होता है तो आप 6:30 के बाद पौ:45 तक ले आए ताकि अभिषेक सबको मिलता रहे क्योंकि हमारे ध्यान वाले आएंगे लेट हम शानदार आए जब कराएंगे तो आपको 8:10 तक आते हैं हम तो 6:30 से 5:45 से लेकर 8:10 तक पूरा समय खूब ठाट से दो पूजन करो ठीक है ना सामूहिक पूजन करो सब बच्चों को बिठाओ ठीक चलिए ना अभिषेक के बाद लगभग 7:00 बजे जैसे अभिषेक भी हो जाएगा आपका तो सात के बाद आपको 810 तक मिल रहा है समय एक घंटा 10 मिनट खूब पूजन हो जाएगी ठीक चलिए हाँ चलते हैं करें शांत अब जो लोग पूजन की स्थापना करी वो थोड़ा मन से कर लो क्योंकि अगर मान लो अभी अपन लेट होंगे तो फिर हम उधर आहार में लेट होंगे और हम नहीं चाहते कि जो आहार का क्रम है महाराज लोगों को डिस्टर्ब नहीं करना अपने को हमने उनको कहा पौ:45 पे निकाल देंगे तो पौने पे खत्म करना ही है अपने को है ना चलिए चलते हैं प्रारंभ करते हैं शांति दर वाले कौन है पात्रा जाए बाकी लोग बैठ जाए अभी बाकी लोग थोड़ा सा कैमरा वाला है ना बाजू में खसक जाए शांतिध जितनी देर तक थोड़ा सा बाजु में खसक जाए ठीक बोलिए देवाधिदेव 108 मूल नायक श्री पारशनाथ भगवान की कौन से भगवान विराजमान है मुनिशनाथ भगवान की जय परमोपकारी आचार्य विद्या सागर जी महामुनिराज की आचार्य भग समय सागर जी महामुनिराज की जय ओम नम श्री वीतरागाय नमः नमो अरताणं नमो सिद्धाणं नमो आरणं नमोजाणं नमो सबसणं सतत मंगलम अरहता मंगलं सिद्धा मंगलम साहहु मंगलम केवली नमो मंगलम चारी लोग्मा अरहंता लोग्मा सिद्धा लोग्मा साहू लोग्मा केवली प्रतो दमो लोग चारी शरणम पवजामि अरंत शरणम पवजामि सिद्धे शरणम पवजामि साहहु शरणम पवजामि केवली प्रणम दमंम शरणं पवजामि ओम ह अनादि मूल मंत्र सर्व शांतिम तष्टिम पुष्टिम च कुर कुर ओम नमोते भगवते प्रक्षणा दोष कलमशाय दिवते मूर्त नमः श्री शांतिनाथ शांति कराय सर्व प्रणास सर्व रोगानाय सर्व परकम नाशनाय सर्व क्षमनासनाय ओम ब्राम ब्रम रम अवसा नमः सर्व शांति तष्टिम पुष्टिम कुर कुर ओम ब्रम क्षम फट कृ गाते गाते परफोट सरसंडान कुरकुर परमद्राचिन परम मंत्रण पिपक्षा भव फट सर्व शांति कुर कुर ॐ ह्री श्री कम ऐ अरम अवसाना सर्व शांति कुर ओम आहारा श्री हर ओम साह जगदा पद्मानाशी शांतिनाथ सर्व शांति ॐ ह श्री शांतिनाथ अशोक अशोक पद अमजान सर्वद सर्व शांति कुर ॐ ह्रीम श्री शांतिनाथाय सर्व पुष्प सर्वज सर्वद शांति कुर कुर ॐ श्री शांतिनाथा देव धन शारदा देव धन श्राहदा ममदा सर्व उपद्रव सर्व शांति करो करो ॐ ह्रीम श्री शांतिनाथा श्रावण शत प्रांत अरम सर्व उपद्र सर्व शांति करो करो ॐ ह्रीम श्री शांतिनाथा सिंहासन प्रांत सिंहासन सत प्रांत गम सर्वद सर्व शांति करो करो ॐ ह श्री शांति शांतिनाथ भामंडल सतहार भामंडल सत प्राहार शोभन पद जम सर्वद शांति गुरु ॐ ह श्री शांतिनाथ दविहार मंडिता दविहार समजाय सर्वद सर्व शांति गुरु ॐ ह श्री शांतिना छत्र छत्र कमज सर्व उपद्र शांति कुर कुरम श्री शांति प्रिहार बीज सर्व शांति कुर कुर ॐ ह्रीम अरुण नमो जिनांम सर्व ॐ हरणम ओह जिनांम सर्व शांति रे भवत ॐ ह्रीम अरणम परमह जिनांम सर्व शांति रे भवत ॐ ह्रीम अरणम सब जिनाणं सर्व शांति रे भवत ॐ ह्रीम अरणम अनंत ही जिनाणम सर्व शांति रे भवत अरणम कोट बुद्धिम सर्व शांति रे भवत अरणम बीज बुद्धिनं सर्व शांति रे भवत [गाना गाने की आवाज़] हरणम पादानुसारणं सर्व भवत ह अरणमणं सर्व शांति रे भवत अरणम स्वयं सर्व शांति रे भवत अरणम पतानं सर्व शांति भवत अरमजी सर्व शांति भवत अरमोदीन सर्व शांति रे भवत हरणमल मदीनम सर्व शांति भवत हरणम दसवीन सर्व शांति भवत अरम चौदसनं सर्व शांति भवत अरणमित कुशलं सर्व शांति भवत ॐ ह्रीम अरणमताणं सर्व भवत हरणमहाराणं सर्व भवत हरणमणं सर्व शांति रे भवत हरणमणं सर्व शांति रे भवत हरणमो आकाशगामिनं सर्व शांति रे भवत ह अरणमो आशीणं सर्व शांति रे भवत ह अरणमोठी विषाणं सर्व शांति रे भवत हरणम उगवाम सर्व शांति [गाना गाने की आवाज़] रे भवत हरणमित सर्व शांति रे भवत हरणम ततवाणं सर्व शांति रे भवत ह अरणमो महा तवाणं सर्व शांति रे भवत अरणम गौरवाणं सर्व शांति रे भवतु अरणमणं सर्व शांति अरणम सर्व भवत अरणम गुणम सर्व भवत अरणमोताणं सर्व भवत अरमो खलताणं सर्व भवत अरणम जलसताणं सर्व शांति भवत अरमो विपसतणं सर्व भवत अरणम सबसताण सर्व अरणम बलणं सर्व भवत हरणम वलणं सर्व शांति रे भवत हरणम काया बलणं सर्व शांति [गाना गाने की आवाज़] रे भवत हरणमसणं सर्व शांति रे भवत ॐ हरणम सपवीणं सर्व शांति रे भवत ॐ हरणमणं सर्व शांति रे भवत अरुणमणं सर्व भवत अरणमसणं सर्व भवत अरणमोणं सर्व भवत अरणं सर्व भवत अर नमो महावी सर्व शांति भव नमो भवस जस चम जलंतम गच्छे आयास पयालं लोयाणं जीव संत अपराज बहुत में रख रखा स्वाहा भक्ति प्रसाद लक्ष के चक्र शाकिनी डाकिनी भूत प्रसाद व्यास भवत श्री शांति शिवमस्तुस्तु जयोस्तु नितमगस्तुस्तु अस्माकम परम परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य विद्या सागर संग नाम आचार्य मुनि समय सागर जी निर्यापक सुधा सागर जी मुनि श्री दुर्लभ सागर जी मुनि श्री आद सागर जी मुनि श्री स्वरूप सागर जी श्रीम सागर जी आदरणीय ब्रह्मचरी गण आज के सावक सृष्टि परिवार श्रीमती विद्या देवी श्रीमान महेंद्र कुमार जी श्रीमती रीना देवी श्रीमान मनोज कुमार जी श्रीमती रेखा देवी श्रीमान सुध कुमार जी अनुराग आदर्श तार सा परिवार श्रीमती किरण देवी श्रीमती रूपपाली देवी श्रीमान मनीष कुमार जी लेसिका गुनगुन विदित गोयल सा परिवार श्रीमती रत्न प्रभा देवी श्रीमान प्रकाश चंद जी अनिल कुमार जी राजीव कुमार जी अमन कुमार जी यश कुमार जी मनोरिया सा परिवार श्रीमती पुष्पलता देवी श्रीमान प्र कुमार जी विशाल कुमार जी गौरव कुमार जी संकित कुमार जी वैसा परिवार श्रीमती मनोरमा देवी श्रीमान सुरेश चंद जी श्रीमती रेखा देवी श्रीमान अरविंद कुमार जी कुमार जी अर्चित सुमिका सा परिवार श्रीमती मधु देवी श्रीमान नीरज कुमार जी सरस हर्ष रसिया सा परिवार श्रीमती विद्या देवी श्रीमान महेंद्र कुमार जी श्रीमती रेना देवी श्रीमान मनोज कुमार जी श्रीमती रेखा देवी श्रीमान सुबोध कुमार जी तारिक सा परिवार समस्त पुजारी गण समस्त दर्शक गण समस्त जन समाज उपस्थित महानुभाव कथा श्रीमान राजेंद्र जी ममता जी दिल्ली श्री प्रशांत जी दिव्या जी स्वास्थ लाभ जी सो जी पारस जी मुंबई श्री दिनेश जी रेखा जी गंगवाल मुंबई तष्टि रस्तुस्तु पुष्टिस्तुस्तुस्तु कल्याणमस्तु सुखमस्तुस्तुद्धि रस्तु दीर्घायुस्तुस्तु सदास्तु धर्मस्तु संपूर्ण कल्याण मंगल मोक्षस नाम प्रतिपालिका नाम य सामान तपो नाम देश पुर राज करो तो श भगेंद्र करो तो शांति भगवान जिेंद्र करो तो शांति भगवान जिन्दो छत्र के लिए किसी का नाम आए आ जाए छत्र वाले आ जाए जिनके छत्र है ऊपर आ जाए और चवर जो भी है ऊपर पहले से जल्दी से खड़े हो जाते हैं अब टाइम लग रहा एक मिनट का टाइम खराब हो रहा होगा हां हां छत्र वाले आ जाए ऊपर आ जाए हां ऊपर आ जाओ भोजनशाला व्यवस्था में जो अहम भूमिका निभा रहे हैं ऐसे हमारे भैया बहुत अच्छा चलिए हां भैया बस यहां यहां से अच्छा पूरे लोग आ जाओ चले आगे क्या सह परिवार दीपक भैया आप रेडी है दीपक भैया बस वो दीपक भैया नहीं ये रेडी है कि नहीं? नहीं उन्होंने मेरे को बोला है कि जब वो अच्छा ऐसा है ठीक है चलो हां करें अभी अभी पहले छत तो करो आप छत ले लो पहले चमर बाद में ओ भक्ति गण आए हाथों में छत लाए भक्त गण आए हाथों में छत भैया भैया मेरे साथ कोई नहीं गाएगा मेरे साथ कोई नहीं भक्त गण आए हाथों में छत लाए भक्तगण आए हाथों में छत लाए ओ प्रभु जी के चरणों में झूमे गाए चढ़ाएंगे बाबा को ये बाबा का अतिशय है चढ़ाएंगे बाबा को ये बाबा का अतिशय है तब विभा सश का उच्च तम करा प्रतापम मुक्त फल कर जाल सोभम प्रख्या जगता परमेश्वर समर्पया चलिए चल ले चम ले लेंगे इसको रख दे भक्त गण आए हाथों में चम लाए भक्त गण आए हाथों में चम लाए ओ प्रभु जी के चरणों में झूमेगा चढ़ाएंगे बाबा को ये बाबा [गाना गाने की आवाज़] का अतिशय है चढ़ाएंगे बाबा को ये बाबा का अतिशय है वृंदावति जल चाम चारु शोभम विजति तब कल धातम मुसिर झर व धारे मुष्टम सुर गिरी समर्पयाम चंदन सदक्षत पुष्प पुंज जी